
नई दिल्ली: कल गोगोई जी ने कहा कि पीएम मोदी हमले के वक्त विदेश दौरे पर थे, लेकिन जब राहुल गांधी गए थे, तब वहां कोई नहीं था। बिहार में चुनाव कार्यक्रम करने पर पीएम मोदी के जाने पर बताना चाहूंगा कि ऐसे हमले के समय प्रधानमंत्री को जनता की भावनाओँ के अनुरूप जवाब देना होता है। प्रधानमंत्री ने बिहार की जनसभा में इस पर आतंकियों को कड़ा संदेश दिया और आंतक के आकाओं की कमर तोड़ने की बात कही। अब पीएम मोदी के भाषण में जिसे चुनावी भाषण दिखता है तो ये उनकी समझ पर गंभीर सवाल है।
इसके बाद 30 अप्रैल को सीसीएस की बैठक हुई उसमें सशस्त्र बलों को पूर्ण ऑपरेशन की आजादी दी गई। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर हुआ। 7 मई को रात को 1 बजकर चार मिनट से एक बजकर 24 मिनट तक चला और पाकिस्तान को नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इससे बड़ा संयमित हमला नहीं हो सकता। दुनियाभर में युद्ध हो रहे है, जिनमें आम नागरिक मर रहे हैं, लेकिन हमारे हमलों में एक भी आम नागरिक नहीं मारा गया। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक में हमने पीओक में एक तरह से अपने ही हिस्से में हमला किया पर इस बार 100 किलोमीटर अंदर घुसकर पाकिस्तान पर हमला किया। आतंकियों के हमले में जो मारे गए हाफिज मोहम्मद जमील, मुदस्सर खादियान, याकूब मलिक, मोहम्मद हमजा जमील, मोहम्मद यूसुफ अजहर, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हसन, अब्दुल मलिक, नोएल मलिक आदि आतंकी मारे गए। ये जो नाम मैंने पढे हैं, उनमें से आठ ने यूपीए सरकार में आतंकी हमले किए। कम से कम 100 से अधिक लोगों ने हमारी सेना ने मार डाला है।
मुझे एक दुख हुआ कि कल इस देश के पूर्व गृहमंत्री चिदंबरम ने सवाल उठाया कि क्या सबूत है कि ये आतंकी पाकिस्तान से आए? ये कब उठाया, जब संसद में चर्चा होने वाली थी। क्या कहना चाहते हैं, क्या पाकिस्तान को बचाना चाहते हैं। इससे आपको क्या मिलेगा? बता दूं कि तीन में से दो के पाकिस्तानी वोटर कार्ड मिले हैं। ढोक से जो चॉकलेट मिलीं, वो भी पाकिस्तान में बनीं थी। जब चिदंबरम ये सवाल उठा रहे हैं तो इस देश का पूर्व गृहमंत्री पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहे हैं। चिदंबरम पाकिस्तान पर हमले पर भी इससे सवाल खड़ा कर रहे हैं। जब पूरी दुनिया में हमारे सांसद गए और सभी ने माना कि पाकिस्तान ने हमला किया, लेकिन पाकिस्तान को बचाने का ये षडयंत्र आज देशवासी जान रहे हैं। आप बच नहीं पाएंगे।






