
बेगूसराय: बेगूसराय सदर अस्पताल में मंगलवार को एक अजीब और दर्दनाक वाकया सामने आया। करंट लगने से घायल युवक की मौत के बाद परिजनों और मौजूद लोगों ने उसे बचाने के लिए अनोखा टोटका आजमाया। मृत युवक के शरीर पर आटा मलकर उसे जिंदा करने की कोशिश की गई। यह दृश्य किसी ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मामला 24 जुलाई का है। मृतक की पहचान रिफाइनरी थाना क्षेत्र के मोसादपुर दौना निवासी 25 वर्षीय मनीष कुमार के रूप में हुई है। वह पेशे से एक गैरेज मिस्त्री था और रिफाइनरी 10 नंबर गेट के पास अपना गैरेज चलाता था।
परिजनों के मुताबिक, मंगलवार की दोपहर मनीष एक टैंकर के ऊपर चढ़कर वेल्डिंग का काम कर रहा था। तभी ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली की तार से अचानक अर्थिंग हो गई, जिसकी चपेट में आकर मनीष मौके पर ही बेहोश हो गया। परिजनों को सूचना मिली तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे और उसे एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि सदर अस्पताल पहुंचने के बाद भी समय पर इलाज नहीं मिला। डॉक्टरों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद किसी ने मरीज की सुध नहीं ली।
परिजनों ने बताया कि दो घंटे तक अस्पताल में मनीष की जान बचाने की कोशिश करते रहे, लेकिन न तो डॉक्टरों ने कोई इलाज किया और न ही कोई तत्काल मेडिकल सुविधा मुहैया कराई गई। इलाज में देरी के चलते जब मनीष ने दम तोड़ दिया, तो परिजनों और मौजूद लोगों ने पारंपरिक टोटका अपनाते हुए उसके शरीर पर आटा मलना शुरू कर दिया। उनका मानना था कि इससे युवक में फिर से जान आ सकती है। यह सिलसिला करीब एक घंटे तक चला। बाद में जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतक के ममेरे भाई संजीत शर्मा ने बताया कि मनीष अगर समय रहते इलाज पा जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने हमारी आंखों के सामने उसे छीन लिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले में न्याय की गुहार लगाई है और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।






