
पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब हमें कोई शक नहीं रह गया है कि चुनाव आयोग सरकार की कठपुतली बन चुका है। तेजस्वी यादव ने कहा कि पहले जनता सरकार चुनती थी, अब सरकार ही वोटर चुन रही है। सत्ता में बैठे लोग चुनाव आयोग से वोटों की चोरी करवा रहे हैं। जितना झूठ इस बार सदन में बोला गया, उतना पहले कभी नहीं बोला गया। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण विषय पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में एक शब्द तक नहीं बोले।
हम उम्मीद कर रहे थे कि मुख्यमंत्री खुद इस पर स्थिति स्पष्ट करेंगे, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली। इसकी जगह विजय चौधरी ने पुनरीक्षण और गहन पुनरीक्षण को एक साथ जोड़ दिया। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी, अवैध और बाहरी वोटरों के मुद्दे पर सरकार चुप है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, उनमें कहीं भी विदेशियों का जिक्र नहीं है। अगर कोई फर्जी वोटर बना है, तो वह इसी सरकार में बना है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन 11 दस्तावेजों की मांग की जा रही है, वह कितने प्रतिशत बिहारवासियों के पास हैं। अगर दस्तावेज नहीं होंगे, तो लोग खुद को कैसे साबित करेंगे? उन्होंने यह भी कहा कि फॉर्म भरने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हो रही हैं।
हजारों-लाखों फॉर्म एक ही जगह बैठकर भरे जा रहे हैं, किसी और के नाम से अंगूठा लगाकर अपलोड किया जा रहा है। कई वीडियो हमारे पास हैं। कहीं फार्म को जलेबी खाकर कूड़ेदान में फेंका जा रहा है। तेजस्वी ने तंज कसा कि अगर यह सब प्रक्रिया सरकार को ‘निष्पक्ष’ लग रही है, तो यह स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़ा है और सरकार ही इसमें शामिल है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के उस बयान पर भी तेजस्वी ने निशाना साधा जिसमें उन्होंने कहा था कि केवल दो से तीन प्रतिशत लोग ही बिहार से बाहर पलायन करते हैं। तेजस्वी ने इसे ‘झूठ’ करार दिया और कहा कि इस बयान ने तो बिहार की प्लानिंग ही रोक दी। उन्होंने भारत सरकार के एक आधिकारिक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के आंकड़ों के अनुसार तीन करोड़ से ज्यादा पंजीकृत लोग बिहार से बाहर पलायन करते हैं। लेकिन उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तो साफ-साफ सदन में झूठ परोसा है। वहीं पत्रकार अजीत अंजुम पर FIR को लेकर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की है।






