सीवान: सीवान जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक फर्जी सिपाही बनकर पुलिस लाइन पहुंच गया और दूसरे के नाम पर ड्यूटी ज्वाइन करने की कोशिश की। हालांकि वह अधिकारियों की सतर्कता के चलते मौके पर ही पकड़ लिया गया। मामले ने पुलिस विभाग की सुरक्षा और सत्यापन प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना सोमवार की बताई जा रही है जब सीवान पुलिस लाइन में पीटी परेड आयोजित की गई थी। इस परेड में कुल 256 सिपाहियों को पदभार ग्रहण करना था, लेकिन गिनती के दौरान एक व्यक्ति अतिरिक्त पाया गया। जब अधिकारियों ने दोबारा सत्यापन कराया तो मामला संदिग्ध निकला और फर्जी तरीके से शामिल हुए सिपाही को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, युवक सिपाही की पूरी वर्दी पहनकर अन्य चयनित सिपाहियों की कतार में खड़ा हो गया था और किसी अन्य अभ्यर्थी के नाम पर जॉइनिंग लेटर लेकर ड्यूटी जॉइन करने पहुंचा था। प्रारंभिक तौर पर किसी को उस पर शक नहीं हुआ, लेकिन जब सभी सिपाहियों की दोबारा गिनती की गई तो कुल संख्या 257 निकली, जबकि दस्तावेजों में केवल 256 सिपाहियों की उपस्थिति होनी थी।
गणना में असमानता के बाद जब अधिकारियों ने उससे पूछताछ की तो वह उत्तर देने में घबरा गया और आखिरकार उसकी असलियत सामने आ गई। मामले को गंभीर मानते हुए उसे मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया और मुफस्सिल थाने ले जाया गया। फर्जी सिपाही की पहचान छपरा जिले के गढ़खा थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव निवासी नीरज कुमार पिता जगत नारायण के रूप में की गई है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक दास ने इस मामले की पुष्टि कर बताया कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि नीरज कुमार को किसने और कैसे प्रशिक्षित किया और वह जॉइनिंग लेटर तक कैसे पहुंचा।







