एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू
सासाराम। फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर हर साल चलाई जाने वाली सर्वजन दवा सेवन अभियान को लेकर रोहतास जिले में तैयारियां शुरू हो गई है। अभियान से पहले नाइट वर्ल्ड सर्वे का कार्य किया जाता है जिसमें माइक्रो फाइलेरिया दर की पहचान की जाती है। इसको लेकर जिला फाइलेरिया उन्मूलन इकाई ने तैयारी करना शुरू कर दिया है। तैयारी को लेकर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रक अधिकारी डॉ आसित रंजन की अध्यक्षता में बैठक किया गया। बैठक में नाइट ब्लड सर्वे की तैयारियों पर चर्चा किया गया। रोहतास जिले में हर साल अगस्त में सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया जाता था, लेकिन अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी फाइलेरिया के दिशा निर्देश पर अब बिहार के सभी 38 जिलों में 10 फरवरी से यह अभियान चलाया जाएगा, लेकिन उससे पहले नाइट ब्लड सर्वे की प्रक्रिया पूरी कर लेनी है।

नाइट ब्लड सर्व के लिए साइट की चयन पर चर्चा
बैठक में नाइट ब्लड सर्वे को लेकर चर्चा किया गया। बताया गया कि नाइट ब्लड सर्व 31 अगस्त तक समाप्त कर लेना है। इसको लेकर डॉक्टर आसित रंजन ने सामग्री की उपलब्धता, फाइलेरिया मरीजों की सूची, साइट का चुनाव, माइक्रो प्लान, प्रखंड स्तरीय समन्वय बैठक, जागरूकता अभियान, टीम गठन और प्रशिक्षण इत्यादि को लेकर चर्चा करते हुए इस पर विशेष बल देने का निर्देश दिया गया। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने सभी विडीसीओ को क्षेत्र भ्रमण हेतु दिशा निर्देश दिया, साथ ही नाइट ब्लड सर्वे के कार्यक्रम में गति लाने की भी बात कही गई।

नाइट ब्लड सर्वे जरूरी
पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम लीडर (संचारी रोग) हेमंत कुमार ने कहा कि नाइट ब्लड सर्वे में गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित लक्ष्य को पूरा करना हमारी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि रेंडम साइट के लिए स्टाट ट्रैक विधि का उपयोग किया जाएगा। नाइट ब्लड सर्वे ही हमें जानकारी देता है कि किस प्रखंड में कितने फाइलेरिया के मरीज मौजूद है। उसका अनुसार हम दवा खिलाने की रणनीति बनाते हैं। मौके पर वीडीसीओ जयप्रकाश गौतम, गौरव कुमार, रौशन कुमार सिंह संजीत कुमार, सुदामा भारती, पिरामल प्रतिनिधि हेमंत कुमार, कृष्ण कुमार चौबे, अलावा सीफार प्रतिनिधि एवं अन्य लोग मौजूद रहे।







