
पटना: पटना में आपराधिक वारदातों से मुख्यमंत्री सचिवालय तक हिला हुआ था, लेकिन मीडिया को दी गई ‘हिदायत’ पर अब बात इतनी बढ़ गई कि बिहार के डीजीपी को लिखित आदेश जारी करना पड़ा। डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि अब पुलिस की ओर से एक ही अधिकारी देंगे- एडीजी मुख्यालय, यानी आईपीएस कुंदन कृष्णन। गोपाल खेमका हत्याकांड में पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा का मोबाइल सुबह तक ऑफ रहने की जानकारी ‘अमर उजाला’ ने दी थी।
फिर अस्पताल में इलाजरत कुख्यात चंदन मिश्रा की हत्या के बाद भी मीडिया लगातार पुलिस की पोल खोलता रहा। इसपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एसएसपी को सख्त हिदायत देने के लिए बुलाया। एसएसपी हिदायत सुनकर निकले तो दीपक हत्याकांड पर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मीडिया को ही सीधे शब्दों में हिदायत दी कि हद में रहें। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा था कि वह हिदायत भी दे रहे हैं और अपील भी कर रहे हैं कि अपने से बातें न लाएं, पुलिस की ओर से दी गई जानकारी को आमजन में सार्वजनिक करें। मीडिया को हिदायत देने की बात आई तो मीडियाकर्मियों ने सोशल मीडिया पर पटना एसएसपी को खूब खरी-खोटी सुनाई।
बताया गया कि गोपाल खेमका की हत्या के बाद उनका मोबाइल कैसे बंद रहा था या अस्पताल में घुसकर हत्या करने वालों की गिरफ्तारी की खबर पश्चिम बंगाल से एक दिन पहले आ गई और पटना एसएसपी ने 30 घंटे बाद बताया… आदि। मामला गरमाता गया और मंगलवार को मुख्य सचिव ने भी इस बारे में मुख्यालय स्तर पर बात की। इसके बाद बिहार के डीजीपी का आदेश कल की तारीख से जारी होकर आज मीडिया तक आया।






