भागलपुर: बिहार में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे भागलपुर, कहलगांव और सुल्तानगंज में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सुल्तानगंज में गंगा खतरे के निशान को पार कर चुकी है और जलस्तर में अभी और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। वहीं भागलपुर और कहलगांव में भी हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। अनुमान है कि सोमवार तक भागलपुर में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच सकती है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, कहलगांव में गंगा का जलस्तर सोमवार को 31.18 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 31.09 मीटर से 9 सेंटीमीटर ऊपर है। मुंगेर, भागलपुर और हाथीदह में भी जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। कहलगांव और एकचारी के समीप गंगा का पानी तेजी से फैल रहा है। कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
नवगछिया स्थित दियारा क्षेत्र से लोग मवेशियों और सामान के साथ नाव के जरिए सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। प्रशासन ने हालात को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। सुल्तानगंज के आरएस कॉलेज घाट पर एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई है। कांवरियों और स्थानीय लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की गई है। घाटों पर माइकिंग के जरिए सुरक्षा निर्देश दिए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग गंगा पार कर रहे हैं, जिनकी गतिविधियों पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।सदर एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है और हालात पर नजर रखी जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। नवगछिया के इस्माइलपुर में गंगा के स्पर संख्या-9 पर क्षतिग्रस्त हुए तटबंध की मरम्मत तेजी से की जा रही है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ठेकेदारों के माध्यम से मरम्मत कार्य जारी है। अब तक 7 से 8 हजार से अधिक बालू भरी बोरियां डाली जा चुकी हैं। अधिकारियों ने बताया कि जलदबाव अधिक होने के कारण कुछ परेशानियाँ आ रही हैं, लेकिन जल्द ही तटबंध को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाएगा। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब पीरपैंती के रानी दियारा, टपुआ दियारा और एकचारी दियारा में भी दिखने लगा है। पानी निचले इलाकों में फैल रहा है और खेतों में भी भराव शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि फसलें डूबने लगी हैं। कटाव रोकने के लिए पोल और बालू भरी बोरियां रखी जा रही हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ ही चायचक, तोफिल और अठावन दियारा क्षेत्र में कटाव की स्थिति गंभीर हो गई है। तोफिल गांव से लेकर उत्तर दिशा में बाबा स्थान और अठावन गांव तक रुक-रुककर कटाव जारी है। बीरबन्ना पंचायत की मुखिया ललिता देवी और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गंगा में बड़ी मात्रा में उपजाऊ भूमि समा रही है। सबौर प्रखंड के चायचक, काठाघाट और धनकड़ा क्षेत्रों में मिर्च और अन्य फसलों को नुकसान हो रहा है। जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि कहलगांव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।







