
पटना : पटना जिले के दानापुर, मनेर, बख्तियारपुर, फतुहा सहित अन्य जगहों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। बाढ़ के कारण निचले इलाके के सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो चुके हैं, जिससे दियारे में बसी आबादी की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ का पानी दियारा के कई निचले इलाकों के घरों में घुस चुका है, और खेतों में लगी फसलें पूरी तरह से डूब गई हैं, जिसके कारण मवेशियों को चारा मिलना कठिन हो गया है। दानापुर दियारे क्षेत्र में गांवों का दानापुर टाउन से संपर्क टूट चुका है। दियारा के निवासी केवल नाव के सहारे ही दानापुर आने-जाने को विवश हैं।
रात में यदि किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो यह एक और चिंता का विषय बन जाता है। मनेर के निचले इलाके हल्दी छपरा स्थित श्मशान घाट भी बाढ़ के पानी से पूरी तरह डूब चुका है, जिससे मनेर और अन्य स्थानों से अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ किसानों के खेतों या बची हुई जमीनों पर शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छिहत्तर गांव जाने वाली सड़क मार्ग गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ के पानी से डूब गया है, जिसको लेकर लोगों ने प्रशासन से नाव चलाने की मांग की है। नगर परिषद क्षेत्र के अदल चक गांव का संपर्क भी भंग हो चुका है।
लोग जैसे-तैसे बाजार में सामान या जरूरत की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। इस्लामगंज, महावीर टोला, धजवा टोला और नयका टोला के निचले इलाके के घर भी बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। निचले इलाकों में बसे घरों के लोग सुरक्षित स्थान की ओर चले गए हैं। पश्चिमी दियारा जाने वाले तिवारी टोला के पास सड़क भी बाढ़ के पानी से डूब गई है, जिससे भवानी टोला, रामपुर दियारा, हुलासी टोला और प्रेमटोला गांव के लोग प्रभावित हैं। दनियावां, फतुहा और बख्तियारपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी मुसीबत बना हुआ है, जिसके कारण लोगों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। हालांकि, गंगा नदी के जलस्तर में धीरे-धीरे कमी आ रही है, लेकिन लगातार दियारा में पानी रहने के कारण लोगों के लिए समस्या बनी हुई है।






