2,465 people rescued in Nepal floods, 163 foreign nationals also evacuated; over 500 deaths

काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सुरक्षाबलों ने अब तक 163 विदेशी नागरिकों समेत 2,465 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। इस प्राकृतिक आपदा में 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र बलों के 11,000 से अधिक जवानों को खोज एवं बचाव अभियान में लगाया गया है। इनमें नेपाल सेना के 5,000 से ज्यादा जवान शामिल हैं। सेना के जनसंपर्क निदेशालय के मुताबिक सुरक्षित निकाले गए विदेशी नागरिकों में 113 भारतीय, 26 चीनी, 15 दक्षिण कोरियाई, चार जर्मन, इटली और अमेरिका के दो-दो तथा ओमान का एक नागरिक शामिल है।

GNSU Admission Open 2026

KATHA CONCERT KOLKATA

जलविद्युत परियोजनाओं से 191 श्रमिकों को निकाला

बाढ़ के बीच त्रिशूली और रसुवा क्षेत्र की अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 191 श्रमिकों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया है। अब तक 2,265 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए और करीब 200 लोगों को सड़क मार्ग से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।राहत कार्यों के साथ प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। धुंचे और त्रिशूली में बनाए गए आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक 1,706 लोगों का उपचार किया जा चुका है।

मुगलिंग-काठमांडू राजमार्ग फिर खुला

इस बीच, बाढ़ और भूस्खलन के कारण बुधवार से बंद मुगलिंग-काठमांडू राजमार्ग को शनिवार को दोबारा खोल दिया गया। नेपाल पुलिस के अनुसार स्थिति का आकलन करने के बाद वाहनों को धीरे-धीरे आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।राजमार्ग खुलने से पिछले कई दिनों से रास्ते में फंसे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण मध्य नेपाल में कई राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित था।

आपदा राहत कोष में बढ़ा योगदान

नेपाल सरकार के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में भी बड़ी मात्रा में सहायता राशि पहुंच रही है। हालिया योगदान के बाद राहत कोष में जमा राशि बढ़कर करीब 4.09 अरब नेपाली रुपये हो गई है। सरकार के अनुसार, अलग-अलग संगठनों और व्यक्तियों के साथ संस्थागत दाताओं ने भी राहत कार्यों के लिए आर्थिक मदद दी है।वित्त मंत्रालय को राहत कोष में योगदान जुटाने और सहायता के समन्वय के लिए नोडल मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, बड़े संस्थागत दाताओं से मिलने वाले योगदान को सीधे समन्वित किया जा रहा है।नेपाल-चीन सीमा के पास भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने मध्य नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ से घरों के अलावा सड़क, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। बचाव दल अब भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।