
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच मायावती ने अपनी पार्टी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सतर्क रहने का संदेश दिया है। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी बसपा को सत्ता से दूर रखने के लिए लगातार साजिशें और नए हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विरोधियों की गतिविधियां और तेज होंगी, इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठित और जागरूक रहना जरूरी है।
बसपा प्रमुख ने विशेष रूप से दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों और धार्मिक अल्पसंख्यकों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों और आंदोलन को मजबूत करना ही सामाजिक न्याय और आत्मसम्मान की दिशा में सबसे बड़ा कदम होगा। मायावती ने यह भी कहा कि बसपा का मुख्य फोकस समाज के कमजोर वर्गों, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं को उठाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।
उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही राज्य स्तर पर एक बड़ी बैठक आयोजित करेगी, जिसमें आगामी चुनावों के लिए रणनीति, संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका तय की जाएगी। मायावती ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए नए अभियान शुरू किए जाएंगे और हर वर्ग तक बसपा की नीतियों और विचारधारा को पहुंचाया जाएगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन कमजोर रहा था और पार्टी केवल एक सीट जीत सकी थी। अब 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए मायावती बसपा को फिर से मजबूत करने और सत्ता में वापसी की दिशा में प्रयास तेज कर रही हैं। उनका यह बयान चुनावी तैयारियों के बीच बसपा के नए राजनीतिक अभियान की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।






