
बागेश्वर धाम: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में आस्था, सेवा और सामाजिक समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में इस वर्ष 300 गरीब और बेसहारा बेटियों का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। यह आयोजन बागेश्वर धाम का सातवां ‘कन्या विवाह महा महोत्सव’ है, जिसे हर साल बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है।
इस सामूहिक विवाह समारोह की सबसे खास बात यह है कि इसका पूरा खर्च मंदिर के दानपात्र में श्रद्धालुओं द्वारा दी गई राशि से उठाया जाता है। आयोजन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को सम्मानपूर्वक विवाह का अवसर प्रदान करना और समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है। विवाह समारोह को लेकर धाम परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है और दूल्हा-दुल्हनों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बताया कि इस बार का कार्यक्रम राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन बन गया है। इस अवसर पर 9 देशों के राजदूत भी शामिल होंगे और नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक समरसता और मानव सेवा का भी बड़ा उदाहरण बनकर सामने आ रहा है।
धाम प्रशासन और जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा, आवास, भोजन, चिकित्सा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है। अनुमान है कि इस भव्य आयोजन में 10 से 15 लाख श्रद्धालु शामिल हो सकते हैं।
यह सामूहिक विवाह महोत्सव समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है, जो यह संदेश देता है कि सामूहिक सहयोग और सेवा भावना से जरूरतमंदों के जीवन में खुशियां लाई जा सकती हैं और सामाजिक जिम्मेदारी को सार्थक रूप दिया जा सकता है।






