लखनऊ: अंतरिक्ष मिशन से सफलतापूर्वक लौटने के बाद भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का लखनऊ को बेसब्री से इंतजार है। वह इस समय अमेरिका के ह्यूस्टन में हैं। वहां पृथ्वी पर अपनी दिनचर्या सामान्य करने के लिए तालमेल बैठा रहे हैं। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में शुभांशु के जीवन से जुड़ी कई बातें शेयर कीं। उन्होंने बताया कि शुभांशु शुक्ला को प्यार से ‘शुक’ कहते हैं। वह 18 दिन तक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में रहने के बाद मंगलवार को पृथ्वी पर उतरे हैं। पहले भारतीय और महान अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के बाद शुभांशु आईएसएस पर पहुंचने वाले दूसरे भारतीय हैं। फिलहाल, वह ह्यूस्टन में हैं। उनकी पत्नी कामना और उनका छह साल का बेटा कियाश पहले से ही वहां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बेटे की अच्छी देखभाल हो रही है। पृथ्वी पर जीवन के साथ तालमेल बैठाने के लिए यह जरूरी है।
टेलीफोन पर बातचीत के दौरान शुभांशु अपनी इस उपलब्धि पर काफी उत्साहित दिखे। यह उपलब्धि देश के लिए काफी मायने रखती है। देश और लखनऊ की जनता की प्रतिक्रिया से अभिभूत हैं। उनका स्वागत करने के लिए काफी उत्साहित हैं। थोड़ा समय लगेगा। लेकिन, जाहिर है, जब भी वह लखनऊ आएंगे, बड़ा जश्न होगा। इन दिनों हमारे लिए हर पल जश्न का समय है। पूरा मोहल्ला हमारे साथ खुशियां मना रहा है। वह देश के लिए गौरव हैं। उनके यहां आने से हमारी खुशी और बढ़ेगी। शुभांशु के पूर्व विद्यालय, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में भी उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। वहां छात्र और स्टाफ अपने स्टार पूर्व छात्र को सम्मानित करने की तैयारी कर रहे हैं।
सीएमएस में पढ़ाई कर रहे 12वीं के छात्र आरव सिंह चौहान ने कहा कि मैं अब एक अंतरिक्ष यात्री के रूप में करिअर बनाने के लिए बेहद प्रेरित हूं। मुझे लगता है कि अंतरिक्ष युवाओं के बीच नया चलन बनने जा रहा है। इसका श्रेय हमारे प्रतिभाशाली सीनियर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को जाता है।सीएमएस के संचार प्रमुख ऋषि खन्ना ने कहा कि पूरे विद्यालय परिवार को अंतरिक्ष यात्री शुभांशु की ऐतिहासिक यात्रा पर गर्व है। उन्होंने युवाओं की कल्पना को जगाया है। यह अच्छी तरह जानते हुए कि उनकी यह अंतरिक्ष यात्रा भारत और उसके आगामी गगनयान कार्यक्रम के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, 70 हजार कर्मचारियों वाला पूरा सीएमएस परिवार और लखनऊ के बाकी लोग उनके आने पर गर्मजोशी से स्वागत करेंगे।







